गोरखपुर तहसील बना अखाड़ा: पोखरी के पट्टे के लिए SDM के सामने ही भिड़े दो पक्ष, जमकर चले
RGANews Gorakhpur
गाजर जगदीश ग्राम सभा के राजस्व गांव झरकटहां में स्थित आराजी संख्या 42 ग, रकबा 50 डिसमिल की पोखरी को मछलीपालन के लिए पट्टे पर देने के लिए पहले से कार्यक्रम तय था। इसी के तहत खुली बोली के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई थीं। बताया जा रहा है कि बोली प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही पोखरी को पट्टे पर लेने को लेकर झरकटहां गांव के परशुराम यादव, राजीव यादव, दयाराम यादव, राकेश यादव, अभिषेक यादव, राजू यादव और राणा यादव समेत कई लोगों के बीच तीखी बहस हो गई, जो मारपीट में बदल गई।
खजनी तहसील सभागार में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मछलीपालन के लिए पोखरी के पट्टे को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। दोपहर करीब तीन बजे शुरू हुई कहासुनी ने अचानक उग्र रूप ले लिया और दोनों पक्षों के बीच जमकर लात-घूंसे चलने लगे।
घटना के समय एसडीएम खजनी राजेश प्रताप सिंह और न्यायिक तहसीलदार हरीश यादव सभागार में मौजूद थे। बोली प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही विवाद इतना बढ़ गया कि हालात बिगड़ते देख दोनों अधिकारी मौके से निकल गए।
हालांकि, वहां मौजूद अन्य लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन तब तक दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो चुकी थी। जानकारी के मुताबिक, गाजर जगदीश ग्राम सभा के राजस्व गांव झरकटहां में स्थित आराजी संख्या 42 ग, रकबा 50 डिसमिल की पोखरी को मछलीपालन के लिए पट्टे पर देने के लिए पहले से कार्यक्रम तय था।
इसी के तहत खुली बोली के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई थीं। बताया जा रहा है कि बोली प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही पोखरी को पट्टे पर लेने को लेकर झरकटहां गांव के परशुराम यादव, राजीव यादव, दयाराम यादव, राकेश यादव, अभिषेक यादव, राजू यादव और राणा यादव समेत कई लोगों के बीच तीखी बहस हो गई, जो मारपीट में बदल गई।
मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, आधा दर्जन से अधिक लोग एक-दूसरे से भिड़ गए। इस दौरान सभागार में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और कई लोगों के कपड़े फट गए, जबकि कुछ को हल्की चोटें भी आईं। मारपीट होता देख वहां मौजूद एसडीएम राजेश प्रताप सिंह और न्यायिक तहसीलदार हरीश यादव सभागार मौके से भाग निकले।
घटना की सूचना मिलते ही खजनी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने एक पक्ष के तीन लोगों को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया, जबकि दूसरे पक्ष के लोग मौके से भाग निकले। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पहले भी हो चुका है विवाद, दो बार टल चुकी है प्रक्रिया
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 20 जनवरी को भी इसी पोखरी के पट्टे को लेकर तहसील में विवाद हो चुका था। उस समय भी हंगामे के चलते कार्यक्रम को निरस्त कर दिया गया था और नई तारीख 25 मार्च तय की गई थी, लेकिन दूसरी बार भी विवाद होने से पट्टा प्रक्रिया फिर अधूरी रह गई।
ग्राम प्रधान पर भी लगे आरोप, ग्रामीणों में नाराजगी
गांव के कुछ लोगों का आरोप है कि पोखरी में मछली पालन और उसके उपयोग पर ग्राम प्रधान और उनके समर्थकों का कब्जा रहता है। आरोप यह भी है कि प्रधान के पटीदार पोखरी को पट्टे पर लेने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे अन्य पक्षों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि, सुनियोजित तरीके से विवाद कराकर पट्टे की प्रक्रिया को प्रभावित किया जा रहा है।
एसडीएम खजनी राजेश प्रताप सिंह ने बताया कि पट्टे की प्रक्रिया के दौरान शांति व्यवस्था बिगड़ने लगी थी। हालात को देखते हुए तत्काल वहां से हटकर पुलिस को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
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