ईद-उल-अज़हा 28 मई को: दरगाह आला हज़रत ताजुशरियाह से फरमान मियाँ की बड़ी अपील- ‘खुले में ना करें कुर्बानी, सोशल मीडिया पर वीडियो न डालें’
प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी पर रोक’, जमात रज़ा-ए-मुस्तफ़ा के महासचिव फरमान मियाँ ने जारी किए 5 बड़े दिशा-निर्देश
बरेली: ईद-उल-अज़हा को लेकर दरगाह आला हज़रत के 107 साल पुराने संगठन जमात रज़ा-ए-मुस्तफ़ा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान हसन खान उर्फ फरमान मियाँ ने अहम गाइडलाइन जारी की है। फरमान मियां ने बताया कि इस साल देशभर में ईद-उल-अज़हा 28 मई, गुरुवार को मनाई जाएगी।
’सुबह 6 से 10:30 बजे तक होगी नमाज़’ : फरमान मियाँ
फरमान मियां ने कहा कि 28 मई को सुबह 6 बजे से 10:30 बजे तक ईद की नमाज़ अदा की जाएगी। इसके बाद कुर्बानी का सिलसिला शुरू होगा जो तीन दिन तक चलेगा। इस्लामी माह ज़िलहिज्जा की 10, 11 और 12 तारीख को कुर्बानी की जाती है। इस बार 28 मई सूर्योदय से 30 मई सूर्यास्त तक कुर्बानी होगी।
‘खुले में कुर्बानी न करें, खून नाली में न बहाएं’ : फरमान मियाँ की सख्त हिदायत
फरमान मियां ने खास अपील की है कि कुर्बानी खुले या सार्वजनिक स्थानों पर बिल्कुल न की जाए। कुर्बानी सिर्फ बंद और तय जगहों पर ही करें। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी किसी भी हाल में न की जाए। जानवरों के अपशिष्ट पदार्थ गड्ढा खोदकर जमीन में दफन करें। खून नालियों या सड़कों पर न बहने दें।
’सोशल मीडिया पर वीडियो-फोटो न डालें’ : फरमान मियाँ
फरमान मियां ने लोगों से कहा कि कुर्बानी के जानवरों की तस्वीरें या वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर न करें। हमवतन भाइयों की भावनाओं का सम्मान करें और आपसी भाईचारे-सौहार्द को बनाए रखें। उन्होंने बताया कि यह त्योहार हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम और हज़रत इस्माइल अलैहिस्सलाम की कुर्बानी की याद में मनाया जाता है। हर साहिब-ए-निसाब मुसलमान पर कुर्बानी वाजिब है।
‘छोटे जानवर एक व्यक्ति, बड़े में सात की हिस्सेदारी’
फरमान मियाँ ने बताया कि भेड़, बकरा, दुम्बा जैसे छोटे जानवर एक व्यक्ति की तरफ से कुर्बान होते हैं। बड़े जानवर में अधिकतम सात लोग हिस्सेदार हो सकते हैं
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