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उ०प्र०: इस बार प्रदेश में 31 मार्च को नहीं मिलेगी सस्ती शराब की छूट, लाइसेंस खत्म होने पर भी बिक सकेगी शराब

Discount on foreign liquor: यूपी में इस बार 31 मार्च को शराब में मिलने वाली छूट नहीं मिलेगी। देसी शराब बेचने वाले दुकानदार पांच अप्रैल तक अपनी शराब बेच सकेंगे। 

नए वित्तीय वर्ष में देसी शराब की लाइसेंस वाली दुकानों को पांच अप्रैल तक अपना स्टॉक खत्म करना होगा। अंग्रेजी शराब के फुटकर दुकानदारों के लिए ऐसी कोई बाध्यता नहीं होगी और वह अपना पुराना स्टॉक आगे भी बेच सकेंगे। 

बता दें कि नए वित्तीय वर्ष में नई आबकारी नीति के तहत दुकानों का नवीनीकरण करने का फैसला लिया गया है। बीते वर्ष नवीनीकरण नहीं होने की वजह से सभी दुकानदारों को 31 मार्च तक स्टॉक खत्म करना था, जिसकी वजह से आकर्षक छूट दी गई थी। इस बार छूट का लाभ ग्राहकों को नहीं मिलेगा।

नई आबकारी नीति के प्रावधानों के मुताबिक देसी शराब (36 फीसदी धारिता वाली) की ड्यूटी 165 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 173 रुपये की गई है, जिससे उसके दाम में पांच रुपये तक का इजाफा हो सकता है। वहीं चार अन्य धारिता वाली शराब के दामों में कोई बदलाव नहीं होगा। इसके अलावा गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, आगरा, प्रयागराज, वाराणसी और लखनऊ में लो अल्कोहलिक स्ट्रेंथ बिवरेजेज, बीयर, वाइन के बार भी पहली बार खुलेंगे।