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LPG Sankat: मृतक के नाम पर चलता रहा गैस कनेक्शन, केवाईसी अटकी तो परिजन परेशान, अब सिर्फ एक ही विकल्प

RGANews Bareilly 
बरेली जिले में करीब दो हजार गैस कनेक्शन ऐसे हैं, जो मृतकों के नाम पर हैं। इनके परिजनों ने कनेक्शन ट्रांसफर नहीं कराया। अब केवाईसी अटकी तो उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब ये लोग गैस एजेंसी और कचहरी के चक्कर काट रहे हैं। 

बरेली जिले के करीब दो हजार गैस कनेक्शन मृतकों के नाम पर हैं। परिजनों को आसानी से सिलिंडर मिलते रहे तो उन्होंने नामांतरण नहीं कराया। अब लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की किल्लत के बीच सत्यापन की प्रक्रिया शुरू हुई तो इसकी पोल खुली। पेट्रोलियम कंपनियों ने पांच साल से ई-केवाईसी नहीं कराने वाले कनेक्शन धारकों की बुकिंग स्थगित कर दी तो परिजन चेते। अब ऐसे लोग नामांतरण के लिए एजेंसी और कचहरी के चक्कर काट रहे हैं। 

पश्चिम एशिया में युद्ध के चलते जब एलपीजी संकट गहराया तो एजेंसियों ने सत्यापन शुरू किया। दस्तावेज मांगे गए तो मामला अटक गया। तब परिजनों ने नया कनेक्शन लेने की कोशिश की पर रोक की वजह से वह भी नहीं हो पाया। थक-हारकर उन्होंने कनेक्शनधारक की मृत्यु होने की बात कुबूली और नामांतरण की प्रक्रिया शुरू कराई। अब उनको मृत्यु प्रमाणपत्र के साथ ही पहचान और रिश्ते से जुड़े कई दस्तावेज प्रस्तुत करने पड़ रहे हैं। इन्हें जुटाने के लिए वे कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। अगर समय पर नामांतरण या नया कनेक्शन करा लेते तो यह झंझट नहीं होती है। 

केस- 1
हरूनगला निवासी कुसुम के पिता का निधन कोरोना महामारी के दौरान हुआ था। निधन के बाद भी गैस कनेक्शन जारी रहा। गैस बुकिंग का पेच फंसा ती एजेंसी पहुंचकर निधन की जानकारी दी। अब प्रक्रिया के तहत उनका कनेक्शन ट्रांसफर कराया गया।

केस- 2
पुराना शहर निवासी अफजल मुंबई में नौकरी करते हैं। उनके पिता की मौत के बाद भी गैस कनेक्शन जारी रहा। केवाईसी की बाध्यता से गैस एजेंसी पहुंचकर निधन की जानकारी दी। भाई-बहन ने बाहर होने की वजह से अनापत्ति शपथ पत्र देने के लिए समय मांगा है। 

 

कनेक्शन ट्रांसफर के लिए जरूरी दस्तावेज
कनेक्शनधारक का मृत्यु प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, रक्त संबंध के प्रमाण के साथ जिनके नाम कनेक्शन ट्रांसफर होना है, उनका आधार कार्ड, वैध मोबाइल नंबर के साथ अगर परिवार में एक या इससे ज्यादा सदस्य हैं तो सभी के अनापत्ति शपथ पत्र को संलग्न करना होगा। निर्धारित शुल्क अदा करने के बाद कनेक्शन ट्रांसफर होगा। नियमानुसार कनेक्शन धारक की मृत्यु की सूचना एजेंसी को देकर कनेक्शन बंद कराएं या उसी कनेक्शन को परिवार के किसी व्यक्ति के नाम ट्रांसफर करा लें।

मृतक के नाम पर कनेक्शन जारी रखना नियम के खिलाफ
ऑल इंडिया एलपीजी डिस्ट्रिब्यूटर्स एसोसिएशन के प्रदेश सचिव आदर्श गुप्ता के मुताबिक, मृतक के नाम कनेक्शन जारी रखना नियम के खिलाफ है। नए कनेक्शन पर रोक और केवाईसी प्रक्रिया में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें परिजन मृतक के नाम से ही कनेक्शन चला रहे थे। वर्तमान परिस्थिति में अब कनेक्शन ट्रांसफर कराना ही विकल्प है। ऐसे मामलों में अब तक 30 कनेक्शन ट्रांसफर कराए गए हैं।

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