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उ०प्र०: थार संग दो कारों को 90 KM तक कमर से बांधकर खींचा, तब वृंदावन पहुंचे गौरव; संत प्रेमानंद से मिला आशीर्वाद

संत प्रेमानंद से मिलने के जुनून में गौरव ने कमर से कार-थार बांधकर 90 किलोमीटर तक खींचने का अद्भुत कारनामा किया। कठिन तपस्या के बाद वृंदावन पहुंचकर आशीर्वाद लिया, अब उनकी उपलब्धि से युवाओं में जोश और प्रेरणा की लहर है

अपनी कमर से रस्सी बांधकर कार और थार जैसी भारी गाड़ियों को 80 किलोमीटर तक खींचकर वृंदावन पहुंचने वाले अकोला के गौरव पहलवान बुधवार शाम जब वापस लौटे, तो गांव में उत्सव जैसा माहौल दिखा। ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं और युवाओं की बाइक रैली के साथ ग्रामीणों ने अकोला के ‘आयरन मैन’ का स्वागत किया।

गौरव पहलवान ने यह साहसिक यात्रा 2 अप्रैल की सुबह 9:30 बजे अकोला से शुरू की थी। चिलचिलाती धूप और कठिन रास्तों के बीच अपनी शारीरिक शक्ति का प्रदर्शन करते हुए वे लगातार 5 दिन तक गाड़ियां खींचते रहे और 6 अप्रैल को वृंदावन पहुंचे। गौरव ने बताया कि रास्ते में पैरों में छाले पड़ गए और बदन दर्द से टूट रहा था, लेकिन लक्ष्य तक पहुंचने का जुनून कम नहीं हुआ।

प्रेमानंद महाराज से आशीर्वाद पाकर हुए गदगद
7 अप्रैल की सुबह 4:00 बजे गौरव ने केली कुंज आश्रम में पूज्य प्रेमानंद महाराज जी के दर्शन किए। गौरव ने कहा, महाराज जी से मिलना मेरा सपना था। उन्होंने मुझे आशीर्वाद देते हुए कहा कि अपनी शक्ति का प्रयोग हमेशा जनकल्याण के लिए करना और कभी अहंकार मत करना। महाराज के वचनों ने गौरव की सारी थकान मिटा दी।

भावुक हुए पिता, युवाओं में बढ़ा जोश
गौरव के घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। गौरव के पिता हरवीर सिंह बेटे को मिल रहे सम्मान को देखकर भावुक हो गए। उन्होंने कहा, जब लोग गौरव के साथ फोटो खिंचवाने आते हैं, तो गर्व से आंखें भर आती हैं। वहीं गौरव ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि वह आगे भी ऐसे कारनामे करते रहेंगे ताकि नई पीढ़ी को नशे से दूर रहने और फिटनेस के प्रति जागरूक किया जा सके।

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