मेरठ सेंट्रल मार्केट: जनप्रतिनिधियों पर जमकर बरसे व्यापारी, कहा-वोट मांगने वाले गायब, आंसू पोंछने तक नहीं आए
मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में सीलिंग और ध्वस्तीकरण के विरोध में व्यापारियों का गुस्सा जनप्रतिनिधियों पर फूट पड़ा। धरने पर बैठे व्यापारियों ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय वोट मांगने वाले नेता अब संकट की घड़ी में गायब हैं।
मेरठ के शास्त्री नगर स्थित सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों का गुस्सा उस वक्त सातवें आसमान पर पहुंच गया, जब आवास विकास की टीम बुधवार को सीलिंग की कार्रवाई के लिए पहुंची। सीलिंग और ध्वस्तीकरण की मार झेल रहे दुकानदारों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। धरने पर बैठे व्यापारियों ने दो टूक कहा कि चुनाव के समय वोट मांगने वाले नेता आज संकट की घड़ी में गायब हैं। अपनी जीवनभर की पूंजी को अपनी ही आंखों के सामने उजड़ता देख व्यापारियों ने जनप्रतिनिधियों पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया।
व्यापारियों के एक गुट ने पुराने जख्मों को याद करते हुए कहा कि जब पूर्व में 661/6 का ध्वस्तीकरण हुआ था तब इन्हीं जनप्रतिनिधियों ने पटाखे फोड़कर और मिठाई बांटकर खुशियां मनाई थीं। आज जब पूरा बाजार सड़कों पर आ गया है और हजारों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा है तब कोई भी नेता साथ देना तो दूर, ढांढस बंधाने तक नहीं पहुंचा। महिला दुकानदारों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे जनप्रतिनिधियों का भविष्य में पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा।
अधिकारियों पर कार्रवाई और मजबूत पैरवी की मांग
संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता ने कहा कि आवास विकास के 42 अधिकारी और कर्मचारियों को तुरंत जेल भेजा जाना चाहिए। दो लोगों के हाथ मिले और सेंट्रल मार्केट खड़ा हो गया। जब सेंट्रल मार्केट को सील कर रहे हैं तो आवास विकास के अधिकारियों को अभी तक जेल क्यों नहीं भेजा गया है। सुप्रीम कोर्ट के सामने व्यापारियों का मजबूत पक्ष नहीं रखा गया। जब निर्माण हुआ तब सरकार किसकी थी यह आप सब जानते हैं। समाधान होना चाहिए राजनीति नहीं।
गोपाल अग्रवाल ने कहा कि यह बंद चेतना और दुख का बंद है। 25 साल से व्यापारी की कॉमर्शियल रजिस्ट्री है, जीएसटी नंबर है, बिजली का बिल कॉमर्शियल है। व्यापारियों ने कोई कब्जा नहीं किया। जमीन भभी व्यापारियों की ही है बस भू-उपयोग परिवर्तन हुआ है। बीते वर्षोँ में पांच मिनट में मामले सुलझ गए लेकिन अब इच्छा शक्ति की कमी है।
व्यापारी नेताओं ने जताया समर्थन
संयुक्त व्यापार संघ कोषाध्यक्ष विजय आनंद अग्रवाल ने कहा कि शहर का ढाई लाख व्यापारी पूरी तरह जागृति विहार और शास्त्री नगर के साथ है। जब आपके गल्ले में पैसा होगा तभी हम मंदिर मस्जिद गुरुद्वारे बना पाएंगे। सरदार दलजीत सिंह ने कहा कि हमें सरकार का पूरा भरोसा है।
कुछ व्यापारी को हाउस अरेस्ट किया गया है जो गलत है वह व्यापारियों की सेवा कर रहे हैं। उम्मीद है जल्द ही अंधेरा छंटेगा और व्यापार फिर से उबरेगा। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुदीप जैन ने कहा कि जनप्रतिनिधियों ने सरकार तक बात क्यों नहीं पहुंचाई। आवास विकास के अधिकारियों पर भी तुरंत कार्यवाही होनी चाहिए
संचालन करते हुए व्यापारी नेता मनोज गर्ग ने कहा कि यह मंच व्यापारियों की समस्या के लिए है इस पर किसी तरह की कोई राजनीति न की जाए। पूर्व पार्षद जगपाल सिंह बौद्ध ने कहा हमें एकजुट होकर विरोध दर्ज करना होगा। किसान नेता कुलदीप त्यागी ने आवास एवं विकास परिषद के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। जागृति विहार व्यापार संघ के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा ने कहा कि मेहनत कर जो तैयार किया वह आज छिन रहा है।
किन्नर समाज भी समर्थन में उतरा
धरना स्थल पर किन्नर एसोसिएशन से इशिका और शिवानी भी पहुंचीं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि पिछले 30 वर्ष से सेंट्रल मार्केट की वजह से ही उनके घरों के चूल्हे जल रहे हैं। होली-दिवाली पर खुशियां बांटने वाले व्यापारियों के साथ आज बुरा हो रहा है तो वे चुप नहीं बैठ सकते। उन्होंने सरकार से मांग की कि मार्केट को न तोड़ा जाए और प्रभावित व्यापारियों के पुनर्वास की व्यवस्था की जाए।
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