हरियाणा के कैथल में गंदे पानी ने बिगाड़ी लोगों की सेहत, 40 से 50 लोग बीमार; विभाग बेखबर
कैथल के बाबा लदाना गांव में पाइप लाइन लीकेज के कारण गंदे पानी की सप्लाई से लगभग 50 लोग बीमार हो गए हैं। उल्टी दस्त और पेट दर्द की शिकायत के बाद 32 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है जबकि अन्य का इलाज घर पर चल रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है और स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए टीमें गठित की हैं।
कैथल। जिले के गांव बाबा लदाना में पानी की पाइप लाइन लीकेज के चलते घरों में हो रहे गंदे पानी की सप्लाई ने लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर दिया। अब तक 45 से 50 लोग उल्टी, दस्त व पेट दर्द की शिकायत के चलते बीमार हो गए हैं।
झारखंड में कोरोना संक्रमित मरीज की सेप्टिक शॉक से मौत, RIMS में चल रहा था इलाज
रांची के रिम्स में कोविड-19 से संक्रमित एक 44 वर्षीय मरीज की सेप्टिक शॉक के कारण मौत हो गई। मरीज को सीआईपी रांची से रेफर किया गया था। गले में खाना फंसने से दिल का दौरा पड़ने के बाद उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था। जांच में एस्पिरेशन निमोनिया की पुष्टि हुई और वह कोविड पॉजिटिव भी पाया गया। रांची में अभी 12 कोरोना के सक्रिय मामले हैं।
रांची। रिम्स में इलाजरत कोविड से संक्रमित एक मरीज की मौत सेप्टिक शॉक के कारण मंगलवार को हो गई। 44 वर्षीय मरीज को दो जून को सीआईपी रांची से रिम्स रेफर किया गया था।
हिमाचल के सरकारी अस्पतालों में निशुल्क पर्ची बनाने का सिस्टम खत्म, 10 रुपये देना होगा चार्ज
हिमाचल प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में अब पर्ची बनवाने के लिए 10 रुपये शुल्क देना होगा। राज्य सरकार ने यह निर्णय रोगी कल्याण समिति की सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए लिया है। स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। इसके अतिरिक्त 14 विभिन्न श्रेणियों के लिए निशुल्क एक्सरे ईसीजी और अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी समाप्त कर दी गई है।
शिमला। हिमाचल के सरकारी अस्पतालों में अब पर्ची निश्शुल्क नहीं बनेगी। राज्य सरकार ने इसके लिए 10 रुपये प्रति पर्ची शुल्क तय किया है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव की ओर से बुधवार को आदेश जारी किए गए।
तेजी से फैल रहा कोरोना, 4000 के करीब पहुंचे एक्टिव केस; किन राज्यों में मिले सबसे ज्यादा मरीज?
भारत में कोरोना वायरस का संक्रमण फिर से बढ़ रहा है। देश में कोविड-19 के एक्टिव केस लगभग 4000 तक पहुंच गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 1 जून तक देश में कोरोना के 3961 एक्टिव केस दर्ज किए गए हैं। कोरोना के कारण 4 लोगों की मौत भी हुई है। मंत्रालय इस स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।
कोरोना वायरस एक बार फिर देश में तेजी से फैल रहा है। देश में कोविड 19 के एक्टिव केस 4000 तक पहुंच गए हैं। वहीं, कोरोना के कारण 4 लोगों की मौत हो गई है।
JNU के हॉस्टल में एक छात्रा के कोरोना पॉजिटिव मिलने से मचा हड़कंप, विश्वविद्यालय प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
जेएनयू छात्रावास में छात्रा के कोविड पॉजिटिव मिलने पर विश्वविद्यालय ने एडवाइजरी जारी की है। छात्र संघ ने एहतियाती कदम उठाने की मांग की है जिसमें कोविड केयर सेंटर की स्थापना और प्रभावित छात्रों के लिए चिकित्सा सहायता शामिल है। प्रशासन ने निगरानी समिति गठित करने और कर्मचारियों को जागरूक करने का निर्देश दिया है। हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं।
चंडीगढ़ में कोरोना से पहली मौत, चार दिन पहले आई थी पॉजिटिव रिपोर्ट; अस्पतालों में अलर्ट जारी
चंडीगढ़ में कोविड से पहली मौत का मामला सामने आया है जिससे प्रशासन में चिंता है। चार दिन पहले लुधियाना के 40 वर्षीय एक व्यक्ति की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी अस्पताल में भर्ती होने के बाद आज उसकी मृत्यु हो गई। प्रशासन ने लोगों से कोरोना के प्रति सावधान रहने की अपील की है।
चंडीगढ़। शहर में कोविड-19 संक्रमण से पहली मौत का मामला सामने आया है। सेक्टर-32 स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच-32) में भर्ती लुधियाना निवासी 40 वर्षीय व्यक्ति ने दम तोड़ दिया।
Covid-19 in India: देश में दो दिन में 2 लोगों की मौत; महाराष्ट्र समेत इन राज्यों में तेजी से बढ़े एक्टिव मरीज
Covid-19 in India: देश में दो दिन में 2 लोगों की मौत; महाराष्ट्र समेत इन राज्यों में तेजी से बढ़े एक्टिव मरीज
भारत में कोविड-19 के मामले फिर से बढ़ रहे हैं। केरल कर्नाटक के बाद महाराष्ट्र में मामलों में वृद्धि देखी जा रही है और कुछ राज्यों में मौतें भी हुई हैं। देश में 363 एक्टिव मरीज हैं और दो दिनों में दो मौतें हुई हैं। महाराष्ट्र में 43 नए मामले सामने आए हैं जिनमें ठाणे में 21 वर्षीय मरीज की जान चली गई।
नशे की लत जिंदगी को नरक बना देती है : डा.आकांक्षा
बरेली संवाददाता मुदित प्रताप सिंह
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भारत विकास परिषद् के अध्यक्ष बने डॉक्टर नरेंद्र गंगवार
बरेली संवाददाता मुदित प्रताप सिंह
बैक्टीरिया रोधी क्षमता की काट को भारत ने खोजा इलाज, देश में बनी पहली स्वदेशी एंटीबायोटिक दवा; ये हैं फायदे
भारत ने बैक्टीरियल संक्रमण के खिलाफ एक क्रांतिकारी इलाज खोजा है। नेफिथ्रोमाइसिन 14 वर्षों में विकसित पहली स्वदेशी एंटीबायोटिक एजिथ्रोमाइसिन से 10 गुना अधिक प्रभावी है और निमोनिया के इलाज में केवल तीन दिन लगते हैं। यह दवा प्रतिरोधी बैक्टीरिया के खिलाफ भी कारगर है। नेफिथ्रोमाइसिन का विकास वाकहार्ट लिमिटेड और जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान परिषद (बीआइआरएसी) के सहयोग से किया गया है।