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धनतेरस की पूजा में करें स्रोत्र और मंत्रों का जप, शुभ फल की होगी प्राप्ति

धनतेरस से पांच दिवसीय उत्सव की शुरुआत होती है। धनतेरस पर्व भगवान धन्वन्तरि को समर्पित है। धनतेरस का पर्व सुख-शांति और धन की प्राप्ति के लिए अच्छा माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान धन्वन्तरि के मंत्रों का जप करने से धन से सदैव तिजोरी भरी रहती है और धन्वन्तरि जी प्रसन्न होते हैं।

दीवाली पर ऐसे करें माता लक्ष्मी के साथ कुबेर देव को प्रसन्न, धन से भरी रहेगी तिजोरी

पंचांग के अनुसार इस साल दीवाली 31 अक्टूबर को मनाई जाएगी। यह दिन माता लक्ष्मी भगवान गणेश और कुबेर देव की पूजा के लिए समर्पित है। इस दिन देवी लक्ष्मी की आराधना करने से धन की कमी दूर होती है। साथ ही सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।

दीवाली को रोशनी के त्योहार के रूप में हर साल भक्ति के साथ मनाया जाता है। यह हिंदू धर्म में मनाए जाने वाले सबसे बड़े त्योहारों में से एक है। इस दिन लोग अपने घरों को खूबसूरत दीयों से सजाते हैं और गणेश-लक्ष्मी पूजन करते हैं। ऐसी मान्यता है कि इस दिन माता लक्ष्मी के साथ कुबेर देव की पूजा करने से जीवन में सुख-शांति आती है। साथ ही जीवन से धन की कमी दूर होती है।

अयोध्या: अयोध्या में दीपोत्सव पर बनेंगे दो विश्व रिकॉर्ड, नई तकनीकी के जर‍िए 'त्रेतायुग' को किया जाएगा जीवंत

दीपोत्सव का मुख्य कार्यक्रम 30 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा। इसमें राज्यपाल आनंदीबेन पटेल व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य तथा ब्रजेश पाठक सहित मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य भी शामिल होंगे। दीपोत्सव की तैयारियों की समीक्षा कर पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दीपोत्सव के 8वें चरण को सफल बनाने के लिए कोई कमी न छोड़ी जाए।

हनुमान पूजा 2024: जीवन में बना रहता है डर? तो हनुमान जी के नामों का करें जप, समस्या जल्द होगी दूर

पंचांग के अनुसार हर साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को हनुमान पूजा की जाती है। इस दिन छोटी दिवाली का पर्व भी मनाया जाता है। इस बार 30 अक्टूबर को हनुमान जी की पूजा की जाएगी। मान्यता है कि बजरंगबली की उपासना करने से जातक को सभी तरह के भय से छुटकारा मिलता है। साथ ही प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

अहोई अष्टमी 2024 भोग: बिना गुलगुलों के अधूरा है अहोई अष्टमी का भोग, यहां जान लें इसे बनाने की रेसिपी

अहोई अष्टमी का व्रत माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र के लिए रखती हैं। इस साल ये त्योहार 24 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस दिन अहोई माता की पूजा होती है और उन्हें गुलगुले का भोग लगाया जाता है। यहां हम अहोई अष्टमी के लिए गुलगुले बनाने की आसान रेसिपी बता रहे हैं। आइए जानें।

करवा चौथ 2024 व्रत कथा: करवा चौथ व्रत में जरूर करें इस कथा का पाठ, रिश्ते में आएगी मधुरता

पंचांग के अनुसार हर वर्ष कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ का पर्व मनाया जाता है। इस शुभ अवसर पर सुहागिन महिलाएं सोलह श्रृंगार कर पूजा-अर्चना करती हैं और निर्जला व्रत रखती हैं। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से पति और पत्नी के रिश्ते में मधुरता आती है। पूजा के दौरान व्रत कथा का पाठ जरूर करना चाहिए।

बदरी-केदारनाथ धाम दर्शन को पहुंचे प्रसिद्ध उद्योगपति मुकेश अंबानी, पांच करोड़ की धनराशि दी दान

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने रविवार को बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के दर्शन किए। उन्होंने बदरीनाथ मंदिर समिति को 5 करोड़ रुपये का दान भी दिया। पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने भी बदरीनाथ धाम में पूजा-अर्चना की। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री व हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र रावत ने श्री बदरीनाथ धाम पहुंचकर पूजा अर्चना कर देश की सुख समृद्धि व खुशहाली की कामना की है।

चमोली। रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक प्रसिद्ध उद्योगपति मुकेश अंबानी ने रविवार को श्री बदरीनाथ धाम तथा श्री केदारनाथ धाम के दर्शन किये।

करवा चौथ पर जरूर करें करवा माता की आरती, वैवाहिक जीवन होगा खुशहाल

इस साल करवा चौथा का व्रत आज यानी 20 अक्टूबर को किया जा रहा है। इस दिन सुहागिन महिलाएं 16 शृंगार कर अपने पति के निमित्त व्रत करती हैं। करवा चौथ के दिन करवा माता की पूजा-अर्चना का विधान है। ऐसे में इस दौरान करवा माता की आरती का पाठ जरूर करना चाहिए तभी आपको इस व्रत का पूर्ण फल मिल सकता है।

हिंदू पंचांग के मुताबिक, करवा चौथ का व्रत कार्तिक कृष्ण चतुर्थी पर किया जाता है। यह व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए काफी अधिक महत्व रखता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार इस व्रत को करने से पति को लंबी आयु तो प्राप्त होती है, साथ ही वैवाहिक जीवन में खुशहाल बना रहता है।

करवा चौथ पर आखिर क्यों होती है करवा माता की पूजा, पतिव्रता धर्म के तपोबल से जुड़ा है इसका कनेक्शन

हर साल पंचांग के अनुसार करवा चौथ का व्रत कार्तिक कृष्ण चतुर्थी तिथि पर मानया जाता है। इस साल यह व्रत आज यानी 20 अक्टूबर को किया जा रहा है। इस व्रत का सुहागिन महिलाओं को बड़ी ही बेसब्री से इंतजार रहता है। माना जाता है कि इस दिन करवा माता की पूजा-अर्चना से साधक को सुखी-वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद मिलता है।

सनातन धर्म में करवा चौथ का अधिक महत्व है। करवा चौथ के दिन व्रत के दौरान करवा माता की पूजा की जाती है, जिसके लिए पूजा स्थल पर उनका चित्र भी लगाया जाता है। करवा का यह चित्र करवा माता के पत्निव्रता धर्म के तपोबल की कहानी को दर्शाता है। ऐसे में चलिए जानते हैं इस चित्र से जुड़ी कहानी।

करवा चौथ 2024: करवा चौथ के शुभ मुहूर्त से लेकर पूजा विधि तक, जानें इस पर्व की संपूर्ण जानकारी

पंचाग के अनुसार देशभर में करवा चौथ का पर्व आज यानी 20 अक्टूबर को मनाया जा रहा है। इस त्योहार के आने का सुहागिन महिलाओं को बेसब्री से इंतजार रहता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं सोलह श्रृंगार कर विशेष पूजा-अर्चना करती हैं और रात में अर्घ्य देकर व्रत का पारण करती हैं।