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दशहरा 2024 उपाय: दशहरे पर करें अपराजिता फूल के ये उपाय, दूर-दूर तक नहीं होगी धन की कमी

 हिंदू धर्म के मुख्य त्योहारों में से एक माना जाता है। हर साल आश्विन माह में आने वाली शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर दशहरे का पर्व मनाया जाता है जो नवरात्र के समापन के अगले दिन पड़ता है। ऐसे में इस बार अधर्म पर धर्म की जीत का यह पर्व शनिवार 12 अक्टूबर को मनाया जाएगा।

दशहरे का पर्व मुख्य रूप से भगवान श्री राम की रावण पर विजय के रूप में मनाया जाता है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत को भी दर्शाता है। दशहरे के दिन की जाने वाली पूजा में अपराजिता के फूलों को शामिल करना काफी शुभ माना जाता है। ऐसे में आप इस त्योहार पर अपराजिता के फूल के कुछ उपाय कर काफी लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

अष्टमी पर लगाएं देवी महागौरी को नारियल की मिठाइयों का भोग, यहां पढ़ें इनकी आसान रेसिपी

नवरात्र का त्योहार पूरे देश में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। आठवें दिन देवी महागौरी की पूजा की जाती है। मां को भोग मे नारियल या उसकी मिठाइयों का भोग लगाया जाता है। यहां हम आपको नारियल से बने कुछ भोग की रेसिपी बताने वाले हैं।

महाकुंभ 2025 में वंचित समाज के 71 संत बनेंगे महामंडलेश्वर, दिया जा रहा प्रशिक्षण

महाकुंभ मेला 2025 में वंचित समाज के 71 संत महामंडलेश्वर बनेंगे। यह कदम सामाजिक समरसता और धार्मिक एकता को बढ़ावा देने के लिए उठाया जा रहा है। महामंडलेश्वर की उपाधि पाने वाले संतों को मठ-मंदिरों के संचालन की जिम्मेदारी दी जाएगी जिससे वे समाज में अपनी गतिविधियों का विस्तार कर सकें। यह उपाधि पाने वालों ने अखाड़े से जुड़कर संन्यास लिया है।

माँ वैष्णो देवी पर सेहत की टेंशन छोड़ दें श्रद्धालु, श्राइन बोर्ड ने देखभाल के लिए हेल्थकेयर का किया विस्तार

माँ वैष्णो देवी श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने वैष्णो देवी धाम पर पीएमबीजेके हेल्थ केयर की शुरुआत की है। इसके जरिए श्रद्धालुओं को आसानी से दवाएं मिली सकेंगी वह भी बिल्कुल उचित मूल्य पर। सीईओ अंशुल गर्ग ने बताया कि श्रद्धालुओं की देखभाल को देखते हुए यह कदम उठाया गया है ताकि वे सुगमता के साथ बिना किसी परेशानी के माता के दर्शन कर सके

शारदीय नवरात्र 2024 दिन 8: नवरात्र के आठवें दिन पूजा के दौरान करें मां महागौरी की आरती, घर में आएगी सुख-समृद्धि

शारदीय नवरात्र के आठवें दिन देवी गौरी की पूजा होती है जो देवी दुर्गा का सबसे शांत स्वरूप हैं। माता अपने भक्तों के सभी कष्टों को दूर करती हैं। साथ ही जीवन में शुभता लाती हैं। यदि आप माता की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं तो आपको उनकी भाव आरती का आयोजन करना चाहिए।

नवरात्रि हवन मुहूरत 2024: इस बार नवरात्रि का 'हवन' किस समय करें, 'पारण' नवमी या दशमी को? पढ़ें यहां सबकुछ

नवरात्रि के अवसर पर अखिल भारतीय ब्राह्मण सेवा न्यास हिलसा के कोषाध्यक्ष सौरभ पांडेय ने लोगों को भ्रम दूर करने के लिए कहा है। उन्होंने हवन और पारण के लिए सर्वोत्तम समय बताया है। उन्होंने इस बार के लिए पारण को लेकर विशेष ध्यान रखने के लिए कहा गया है। इस बार पारण नवमी को नहीं करने के लिए कहा गया है।

नवरात्रि अष्टमी 2024 पर करा रहे हैं कन्या पूजन, तो कंजकों के लिए इस रेसिपी से बनाएं स्वादिष्ट हलवा-चना

इस बार नवरात्र की अष्टमी और नवमी एक ही दिन मनाई जा रही है। इस मौके पर कई लोग अपने घरों में कन्या पूजन का आयोजन करते हैं। नवरात्र के दिनों में कन्याओं का पूजन बेहद शुभ माना जाता है। इस मौके पर अगर आप भी घर पर कन्याओं को निमंत्रण दे रहे हैं तो इस रेसिपी से उनके लिए स्वादिष्ट हलवा-चना बना सकते हैं।

पापांकुश एकादशी पर करें तुलसी माता के नामों का मंत्र जप, आर्थिक तंगी से मिलेगी निजत

ज्योतिषियों की मानें तो आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के अगले दिन पापाकुंशा एकादशी मनाई जाती है। इस व्रत को करने से साधक के सभी पाप धूल जाते हैं। इस शुभ अवसर पर रवि योग का संयोग बन रहा है। साधक एकादशी के दिन श्रद्धा भाव से भगवान विष्णु की पूजा करते हैं।

शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे केदारनाथ व गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के कपाट, दर्शन करने के इच्छुक न करें देर; जानिए तारीखें

केदारनाथ गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए जल्द ही बंद होने वाले हैं। केदारनाथ धाम के कपाट भैयादूज के दिन सुबह 8 बजकर 30 बजे बंद किए जाएंगे। यमुनोत्री धाम के कपाट भी भैयादूज पर और गंगोत्री धाम के कपाट एक दिन पहले अन्नकूट पर्व पर बंद किए जाएंगे। इस साल ये तीनों धाम 10 मई को खोले गए थे।

तुलसी पूजा में करें इन मंत्रों का जप, माता लक्ष्मी की कृपा से भरे रहेंगे आपके धन भंडार

हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को मां लक्ष्मी से जोड़कर देखा जाता है। ऐसा माना जाता है कि रोजाना तुलसी की पूजा-अर्चना से घर में सुख- समृद्धि का वास बना रहता है। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि आप किस प्रकार माता तुलसी को प्रसन्न कर सकते हैं जिससे आपको जीवन में सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।