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'शाही' पर संतों का सवाल: महाकुंभ में उर्दू-फारसी शब्दों के विरोध में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद; PM-CM से भी करेंगे अपील

संतों ने महाकुंभ में उर्दू-फारसी शब्दों के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि शाही स्नान और पेशवाई जैसे शब्दों का इस्तेमाल हमारी संस्कृति और परंपरा के विपरीत है। अखाड़ा परिषद ने इन शब्दों को बदलकर राजसी स्नान और छावनी प्रवेश करने का प्रस्ताव रखा है। उज्जैन (मध्य प्रदेश) में महाकाल की शाही सवारी का नाम राजसी सवारी किए जाने के बाद अब महाकुंभ में भी उर्दू-फारसी शब्दों के प्रचलन का विरोध संतों ने किया है। शाही स्नान व पेशवाई का नाम बदलने की मांग उठाई है।

मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्ति के लिए करें इस स्तोत्र का पाठ, नहीं सताएगी धन की कमी

मां लक्ष्मी को धन की देवी माना जाता है। ऐसे में आर्थिक समृद्धि के लिए साधक मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करते हैं ताकि उन्हें जीवन में पैसों की तंगी का सामना न करना पड़े। वैसे तो रोजाना मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की जा सकती है लेकिन शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करना ज्यादा शुभ माना गया है। 

Ganesh Chaturthi 2024: गणेश चतुर्थी पर इस तरह करें गणपति बप्पा की पूजा, आय और सौभाग्य में होगी वृद्धि

गणेश चतुर्थी का त्योहार देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है। इस शुभ अवसर पर भगवान गणेश को समर्पित मंदिरों में गणपति बप्पा की विशेष पूजा-आरती की जाती है। साथ ही देव दर्शन हेतु पूरी व्यवस्था की जाती है। धार्मिक मत है कि भगवान गणेश के दर्शन मात्र से सभी प्रकार के दुख एवं संकट दूर हो जाते हैं।

Hartalika Teej Vrat 2024: क्या कुंवारी कन्या भी रख सकती है हरतालिका तीज का व्रत? जरूर जान लें ये बातें

हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया पर हरतालिका तीज का व्रत किया जाता है। महिलाओं के लिए यह व्रत शुभ फलदायक माना गया है। ऐसे में अगर कोई अविवाहित कन्या इस व्रत को करना चाहती है तो उसे कुछ विशेष नियमों का ध्यान जरूर रखना चाहिए ताकि उसे इस व्रत का पूर्ण फल प्राप्त हो सके।

भाद्रपद माह में हरतालिका तीज का व्रत किया जाता है। यह व्रत मुख्य रूप से सुहागिन महिलाओं द्वारा करने का विधान है। ऐसे में चलिए जानते हैं कि क्या हरतालिका तीज का व्रत अविवाहित कन्याओं द्वारा किया जा सकता है। साथ ही जानते हैं इस व्रत से जुड़ी कुछ जरूरी बातें।

Ganesh Chaturthi 2024: गणेश चतुर्थी पर बप्पा को लगाएं इमरती का भोग, इतना भी मुश्किल नहीं घर पर इसे बनाना

भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि सनातन धर्म में खास महत्व रखती है। गणेश उत्सव के इस खास मौके पर अगर आप भी बप्पा के भोग के लिए कोई खास रेसिपी ढूंढ रहे हैं तो ये आर्टिकल आप ही के लिए है। यहां हम आपको भगवान गणेश की अति प्रिय इमरती बनाने की रेसिपी शेयर कर रहे हैं। 

Ganesh Chaturthi 2024: गणेश चतुर्थी पर राशि अनुसार करें इन मंत्रों का जप, बन जाएंगे सारे बिगड़े काम

ज्योतिषियों की मानें तो भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी पर एक साथ कई मंगलकारी योग बन रहे हैं। इन योग में भगवान गणेश की पूजा करने से साधक को मनोवांछित फल की प्राप्ति होगी। साथ ही जीवन में व्याप्त सभी प्रकार की बाधाएं दूर हो जाएंगी। इस शुभ अवसर पर साधक श्रद्धा भाव से बप्पा की पूजा करते हैं।

Ganesh Chaturthi Bhog: प्राप्त करना चाहते हैं मनचाहा कार्यक्षेत्र, तो गणपति बप्पा को लगाएं प्रिय चीजों का भोग

पंचाग के अनुसार भाद्रपद माह में गणेश चतुर्थी का पर्व 07 सितंबर को बेहद उत्साह के साथ मनाया जाएगा। ऐसी मान्यता है कि सच्चे मन से गणपति बप्पा की पूजा करने से जीवन के संकट दूर होते हैं। अगर आप भी जीवन के दुख और संकट को दूर करना चाहते हैं तो गणेश चतुर्थी पर प्रभु को प्रिय भोग जरूर अर्पित करें।

बुधवार के दिन पूजा के समय करें ऋणमुक्ति स्तोत्र का पाठ, आर्थिक तंगी से मिलेगी निजात

धार्मिक मत है कि भगवान गणेश की पूजा करने से आय सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है। साथ ही आर्थिक संकटों से मुक्ति मिलती है। बुधवार के दिन विशेष उपाय करने का विधान है। इन उपायों को करने से भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं। उनकी कृपा साधक पर बरसती है। भगवान गणेश की कृपा से साधक को मनावांछित फल की प्राप्ति होती है।

2 राशियों पर हमेशा मेहरबान रहते हैं भगवान गणेश, हर कार्य में मिलती है सफलता

 भगवान गणेश की पूजा करने से व्यक्ति के जीवन में व्याप्त समस्त प्रकार के दुखों का नाश होता है। साथ ही सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है। अतः जातक बुधवार के दिन स्नान-ध्यान के बाद विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा करते हैं। भगवान गणेश की कृपा से साधक को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।

Ravi Pradosh Vrat 2024: रवि प्रदोष व्रत पर दुर्लभ सुकर्मा योग का हो रहा है निर्माण, प्राप्त होगा दोगुना फल

शिव पुराण में प्रदोष व्रत की महिमा का वर्णन है। प्रदोष व्रत करने से साधक को अमोघ फल की प्राप्ति होती है। इस व्रत का फल दिन अनुसार प्राप्त होता है। रवि प्रदोष व्रत करने से साधक को जीवन में ऊंचा मुकाम हासिल होता है। इस शुभ अवसर पर आत्मा के कारक सूर्य देव की भी पूजा की जाती है।