तुलसी विवाह 2024: नवंबर महीने में कब है तुलसी विवाह? नोट करें शुभ मुहूर्त एवं योग
सनातन धर्म में तुलसी विवाह का विशेष महत्व है। इस शुभ अवसर पर जगत के पालनहार भगवान विष्णु संग सुख-समृद्धि की देवी तुलसी माता की पूजा की जाती है। इसके साथ ही तुलसी विवाह किया जाता है। धार्मिक मत है कि तुलसी माता की पूजा करने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। साथ ही सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
मासिक शिवरात्रि 2024: मासिक शिवरात्रि पर आजमाएं चमत्कारी उपाय, जल्द लेंगे सात फेरे
मासिक शिवरात्रि का खास महत्व है। हर माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर मासिक शिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इस दिन महेदव की पूजा-अर्चना और व्रत करने का विधान है। साथ ही व्रत पारण करने के बाद विशेष चीजों का दान जरूर करना चाहिए। इन कार्यों को करने से जातक को करियर में सफलता प्राप्त होती है।
सर्वधर्म सेवा समिति पितृ अमावस्या के उपलक्ष में पितॄरों को समर्पित पितृ भोज करवाएगी
(पितॄरों की पुकार, हमें 56 भोग नहीं मोक्ष चाहिए)
पितृ अमावस्या के उपलक्ष में पितॄरों को समर्पित पितृ भोज
बरेली:- सर्वधर्म सेवा समिति के तत्वाधान में संस्थापक सचिव प्रवीण उपाध्याय, संरक्षक ज्ञानेश साहू, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पुनीत जौहरी एडवोकेट के नेतृत्व में हर वर्ष पूर्ण आस्था के साथ विद्वान पंडितो द्वारा अज्ञात अस्थियों का गंगा घाट पर विसर्जन कर ब्रह्म भोज कराया जाता है
करवा चौथ 2024: करवा चौथ के चांद का कितना करना होगा इंतजार? अभी से नोट कर लें पूजन और चंद्रोदय समय
करवा चौथ का त्योहार बहुत ही शुभ माना जाता है। इस पावन दिन पर सुहागिन महिलाएं अपने पतियों की लंबी उम्र के लिए कठिन व्रत का पालन करती हैं। वैदिक पंचांग के अनुसार इस साल यह व्रत 20 अक्टूबर को रखा जाएगा। ऐसा कहा जाता है कि इसका पालन करने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है। साथ ही परिवार में प्यार बढ़ता है।
सर्व पितृ अमावस्या 2024: अगर पितृ पक्ष में नहीं किया है तर्पण, तो सर्वपितृ अमावस्या पर ऐसे करें पितरों को प्रसन्न
हर साल भाद्रपद माह की पूर्णिमा से पितृ पक्ष की शुरुआत होती है। वहीं इसका समापन आश्विन माह की अमावस्या तिथि पर होता है। पितृ पक्ष का आखिरी दिन सर्वपितृ अमावस्या के रूप में मनाया जाता है। सर्वपितृ अमावस्या पर पितरों का श्राद्ध और पिंडदान किया जाता है। मान्यता है कि पितरों की पूजा-अर्चना करने से सभी तरह के सुखों की प्राप्ति होती है।
रवि प्रदोष व्रत 2024: आज है रवि प्रदोष व्रत, नोट करें शिव पूजन की विधि, प्रिय फूल और भोग
सनातन धर्म में प्रदोष व्रत को बेहद खास माना गया है। यह दिन पूरी तरह से भगवान शित है। इस उपवास को रखने से मनचाहे वर की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन में शुभता आती है। वैदिक पंचांग के अनुसार आज यानी 29 सितंबर को रवि प्रदोष का व्रत रखा जा रहा है जो बेहद फलदायी है तो चलिए इससे जुड़ी संपूर्ण जानकारी यहां जानते हैं।
मासिक शिवरात्रि 2024: मासिक शिवरात्रि पर जरूर करें शिव जी के मंत्रों का जाप, बनी रहेगी कृपा
मासिक शिवरात्रि को भगवान शिव की कृपा प्राप्ति के लिए एक उत्तम दिन माना गया है। साथ ही यह भी माना गया है कि इस दिन शुभ मुहूर्त में भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से साधक की कई समस्याएं दूर हो सकती हैं। ऐसे में चलिए जानते हैं कि आप किस प्रकार शिव जी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं।
जानिए क्यों हनुमान जी के नाराज होने पर मिलते है ये संकेत, भूलकर भी न करें ऐसी गलती
हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार हनुमान जी की आराधना करने से साधक के जीवन के सभी डर व चिंताए दूर होती हैं। साथ ही यह भी माना जाता है कि हनुमान जी के नाराज होने पर व्यक्ति को कुछ संकेत मिलने लगते हैं। चलिए जानते हैं कि ऐसी स्थिति से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
इस प्रदोष व्रत करें खास उपाय, भगवान शिव के साथ मिलेगा पितरों का भी आशीर्वाद
हर माह की त्रयोदशी तिथि पर भक्तों द्वारा शिव जी के निमित्त प्रदोष व्रत किया जाता है। ऐसा माना जाता है इस तिथि पर श्रद्धापूर्वक व्रत आदि करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और साधक पर अपनी कृपा बनाए रखते हैं। इस दिन आप महादेव की पूजा के दौरान शिव तांडव स्तोत्र का पाठ कर शुभ फलों की प्राप्ति भी कर सकते हैं।
तुलसी पूजा नियम:- रोजाना करते हैं तुलसी की पूजा, तो जरूर जानें ये बातें, वरना बढ़ सकती हैं मुश्किलें
माता तुलसी की पूजा का शास्त्रों में विशेष महत्व है। ऐसा कहा जाता है कि देवी की पूजा करने से जीवन में शुभता आती है लेकिन तुलसी पूजन में अनजाने में कई बार ऐसी गलतियां हो जाती है जिसे हम अनदेखा कर देते हैं जो कि नहीं करना चाहिए तो चलिए जानते हैं कि तुलसी पूजन के दौरान किन बातों का ध्यान देना चाहिए?