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दिवाली 2024: धनतेरस से शुरू होकर भाई दूज तक चलेगा दीपोत्सव, जानिए इन पांच दिनों के शुभ मुहूर्त

दीपावली हिंदुओं से सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक है। यह पर्व केवल एक दिन नहीं चलता धनतेरस से ही इस पर्व की शुरुआत हो जाती है जो भाई दूज पर समाप्त होता है। ऐसे में चलिए जानते हैं कि यह पांच दिवसीय पर्व कब से शुरू हो रहा है और इस दौरान शुभ मुहूर्त किस प्रकार रहने वाले हैं।

हर साल कार्तिक माह में आने वाली अमावस्या तिथि पर दिवालीमनाई जाती है। दिपावली से पहले और इसके बाद भी कई प्रमुख त्योहार जैसे धनतेरस, रूप चतुर्दशी, गोवर्धन और भाई दूज आदि मनाए जाते हैं। ऐसे में चलिए जानते हैं इस सभी का शुभ मुहूर्त।

श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर शरद पूर्णिमा महोत्सव, श्रीकेशवदेव चंद्रलोक में विराजमान होकर दर्शन देंगे श्रीकृष्ण

शरद पूर्णिमा 2024श्री कृष्ण जन्मस्थान पर शरद पूर्णिमा का पावन पर्व 16 अक्टूबर को धूमधाम से मनाया जाएगा। भक्तों को रात 11.30 बजे तक प्रवेश मिलेगा। महारास का मंचन होगा और श्री गिरिराजजी की महाशयन आरती होगी। आयुर्वेद चिकित्सालय में श्वास रोगियों को खीर के साथ दवा का निशुल्क वितरण किया जाएगा। वृंदावन में ठाकुर राधा दामोदर मंदिर में कार्तिक नियम सेवा महोत्सव का शुभारंभ हो चुका है।

भगवान रघुनाथ से मिलने आ रहे 332 देवी-देवता, रथ यात्रा से माहौल भक्तिमय; उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

रविवार को भगवान रघुनाथ जी की भव्य रथ यात्रा के साथ कुल्लू दशहरा उत्सव का आगाज हो गया। रथ यात्रा में आस्था का जन सैलाब उमड़ पड़ा। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल सहित उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और दशहरा उत्सव समिति के अध्यक्ष सीपीएस सुंदर सिंह ठाकुर ने भी रथ यात्रा को निहारा। सभी धर्मों के लोग एक साथ अधिष्ठाता भगवान रघुनाथ जी का रथ खींचा।

तपोवन में भगवान राम की 70 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण, फाइबर पॉलीमर से बनाई गई मूर्ति

नासिक में भगवान राम की 70 फीट उंची मूर्ति का अनावरण किया गया है। इस मूर्ति के चारों ओर सात एकड़ जमीन पर केंद्र और राज्य सरकार के माध्यम से रामायण से जुड़ी घटनाओं को उजागर किया जाएगा। देश में लगी भगवान शिव की सबसे ऊंची प्रतिमा (351 फीट) राजस्थान में है। इसे स्टैच्यू ऑफ बिलीफ के नाम से भी जाना जाता है।

महाराष्ट्र के नासिक में भगवान राम की 70 फुट उंची प्रतिमा का अनावरण किया गया है। विजयादशमी से एक दिन पहले मूर्ति का अनावरण किया गया है। पंचवटी क्षेत्र में तपोवन के राम सृष्टि गार्डन में प्रतिमा का अनावरण किया गया है।

करवा चौथ 2024: बस एक क्लिक में जानें कि किन महिलाओं को नहीं करना चाहिए करवा चौथ का व्रत

करवा चौथ का व्रत सुहागन महिलाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस साल 20 अक्टूबर को करवा चौथ मनाया जाएगा। इसमें पूरे दिन निर्जला उपवास किया जाता है और रात को चांद देखकर उपवास खोलते हैं। लेकिन कुछ महिलाओं को ये व्रत नहीं करना चाहिए। आइए जानें इस बारे में।

सूर्य देव की आरती: इस आरती से प्रसन्न होंगे भगवान सूर्य, मिलेगा अपार धन और यश

रविवार का दिन भगवान सूर्य को समर्पित है। ऐसा माना जाता है कि जो लोग रविवार के दिन उपवास करते हैं और श्रद्धा के साथ पूजा-पाठ करते हैं तो उन्हें ग्रहों के राजा का आशीर्वाद मिलता है। इसलिए सुबह पवित्र होने के पश्चात जल में गुड़ रोली और अक्षत मिलाकर उन्हें अर्ध्य दें। इसके बाद भाव से आरती करें।

शरद पूर्णिमा 2024: शरद पूर्णिमा के दिन ऐसे करें भगवान विष्णु को प्रसन्न, सभी कार्यों में मिलेगी सफलता

सनातन शास्त्रों में शरद पूर्णिमा का विशेष वर्णन देखने को मिलता है। पंचांग के अनुसार इस बार शरद पूर्णिमा का पर्व 16 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस दिन चन्द्रोदय शाम को 05 बजकर 05 मिनट पर होगा। पूजा के दौरान श्रीहरि के मंत्रों का जप करें। इससे शुभ फल की प्राप्ति होगी और सभी संकट दूर होंगे।

पापांकुशा एकादशी 2024: 13 या 14 अक्टूबर, कब है पापांकुशा एकादशी? नोट करें सही डेट एवं पूजा का शुभ मुहूर्त

ज्योतिषियों की मानें तो आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर रवि योग का निर्माण हो रहा है। साथ ही इस तिथि पर गर और वणिज करण के भी संयोग बन रहे हैं। इन योग में जगत के पालनहार भगवान विष्णु एवं मां लक्ष्मी की पूजा करने से साधक को जीवन में कई तरह के लाभ देखने के मिलते हैंं।

प्रदोष व्रत 2024: प्रदोष व्रत के दिन राशि अनुसार करें इन चीजों का दान, सभी समस्याओं का होगा अंत

हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत  किया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन महादेव और मां पार्वती की पूजा करने से विवाह में आ रही बाधा दूर होती है और जल्द ही विवाह के योग बनते हैं। साथ ही भगवान शिव साधक पर अपनी कृपा बनाए रखते हैं।

रावण दहन: दशहरा पर राष्ट्रपति मुर्मु और PM मोदी ने किया रावण दहन, धू-धूकर जला दशानन

बुराई पर अच्छाई का प्रतीक दशहरा पर शनिवार शाम को लालकिला ग्राउंड में रावण कुंभकर्ण और मेघनाथ का पूतला दहन हो गया है। लालकिला स्थित माधव दास पार्क में श्री धार्मिक रामलीला कमेटी में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीर चलाकर रावण दहन किया। इससे पहले उन्होंने भगवान राम र लक्ष्मण और माता सीता को तिलक लगाया।

नई दिल्ली:b बुराई पर अच्छाई का प्रतीक पर दहशरा पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रावण को तीर मारा और उसका दहन शुरू हो गया। दिल्ली में लालकिला स्थित माधव पार्क में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ का पूतला धू-धूकर जल गया।